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अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य में पैसों को बाधा न बनाने दें!

यह टीवी या अखबार पर एक विज्ञापन हो सकता है। आप एक नौजवान को ग्रेजुएशन की पोशाक में देखते हैं और आपका मन तेज रफ्तार से दौड़ने लगता है। आप अपने बढ़ते हुए बच्चे की शक्ल इस नौजवान में देखते हैं। सोचते हैं कि आपके बेटे ने भी ग्रेजुएशन कर ली है और उसने हाथों में डिग्री थामी हुई है। लेकिन तभी आपका ये सुखद सपना टूट जाता है।

आपको उस बड़ी रकम का ख्‍याल आ जाता है, जो बच्चे की पढ़ाई में खर्च होगी। इसके बाद नौजवान के परिवार के चित्र से आप अपने बेटे को अलग कर लेते हैं। आखिरकार आपको अहसास हो जाता है कि यह आपका बेटा नहीं है। वह इस सफलता तक नहीं पहुंच सकता। लेकिन एक साधारण प्‍लान के जरिए आप अपने बच्चे के भविष्‍य को सुरक्षित कर सकते हैं।

स्‍टेप-1
संभावनाओं को समझिये:
बचपन में आप एक रेलवे इंजन ड्राइवर बनने का ख्‍वाब देखते थे, लेकिन बन गए एक इंजीनियर। आपके बच्चे के करियर में भी ऐसा ही नाटकीय बदलाव आ सकता है। अभी आप निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि आपका बच्चे बड़ा होकर क्या बनेगा। उसका करियर किस ओर जाएगा। इसलिए जरूरी है कि अभी से उभरती संभावनाओं के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाए। खासतौर पर औद्योगिक डिजाइन, स्वास्थ्य प्रबंधन, कारपोरेट लॉ और उत्पाद डिजाइन के के क्षेत्र में। ऐसे क्षेत्रों में आने वाले समय में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

स्‍टेप-2
जाने अभी कितना खर्च आएगा:
किसी उच्च शिक्षा का खर्च हर इंस्‍टीट्यूट में अलग-अलग हो सकता है। आप अभी यह पता लगाने की कोशिश कीजिए कि उस कोर्स या डिग्री पर कितना खर्च आ रहा है। अगर आप अपने बच्चे को डॉक्‍टर बनाने का खवाब देख रहे हैं, तो ट्यूशन फीस, अंडरग्रेजुएट मेडिकल की पढ़ाई और अन्‍य खर्चों में लगभग 55 लाख रुपये का खर्च आता है।

स्‍टेप-3
भविष्‍य की लागत का अनुमान लगाएं:
आपको अपने माता-पिता से बहुत प्‍यार मिला होगा। उन्‍होंने आपकी हर जरूरत पूरी की होगी। लेकिन अब ज़माना तेजी से बदल रहा है। इसके लिए आपको तैयार रहना चाहिए। उच्‍च शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार साल 2014 में उच्‍च शिक्षा का खर्च लगभग सात गुणा बढ़ गया था। अगर उच्‍च शिक्षा का खर्च ऐसे ही बढ़ता रहा तो अगले 15 साल में स्थिति बेहद मुश्किल हो जाएगी। कुछ उच्‍च शिक्षा का खर्च 25 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका होगा।

स्‍टेप-4
अभी शुरू हो जाइए:
आपका बेटा पिग्‍गी बैंक में कुछ सिक्‍के जमा करता होगा। यकीन मानिए या नहीं, लेकिन आपको भी उसके भविष्‍य के लिए कुछ इसी तरह निवेश करना होगा। जितनी जल्‍दी आप यह सेविंग शुरू करेंगे, उतना ही आपके बच्चे के भविष्‍य के लिए बेहतर होगा। आप जितनी जल्‍दी सेविंग शुरू करेंगे, उतनी बेहतर शिक्षा अपने बच्चे को दे पाएंगे।

स्‍टेप-5
निवेश को तेजी से बढ़ाने वाली योजना:
बस कुछ पैसा जमा करने से आपके बच्चे के सपने पूरे नहीं होंगे और न ही आपके। बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए आपको अपने इंवेस्‍टमेंट को ऐसी जगह लगाना पड़ेगा, जहां उसमें तेजी से वृद्धि हो। इक्विटी इंवेस्‍टमेंट एक ऐसा जिम है, जो आपके पैसे को तेजी से बढ़ा सकता है। बेशक, पिछले प्रदर्शन को दोहराया नहीं जा सकता, लेकिन वे विकास की संभावनाओं की एक झलक प्रदान करते हैं। पिछले 15 साल को ध्‍यान से देखें तो मई 2016 तक सेंसेक्‍स में जिन लोगों ने अपना पैसा लगाया उन्‍हें लगभग 14.22 प्रतिशत का रिटर्न्‍ मिला है। वहीं पिछले 10 साल का लेखा-जोखा देखा जाए तो रिटर्न लगभग 9.88 प्रतिशत रहा है।

स्‍टेप-6
नियमित रूप से निवेश की योजना बनाएं:
रोजाना एक्‍सरसाइज से जैसे आपका स्वास्थय अच्‍छा होता है, वैसे ही नियमित निवेश से आपके पैसे भी बढ़ते चले जाते हैं। नियमित निवेश के लिए म्‍यूचुअल फंड के सिस्‍टेमेटिक इंवेस्‍टमेंट प्‍लान (सिप) को अपनाइए। सिप में छोटे-छोटे निवेश कुछ साल बाद बड़ी रकम के रूप में हमारे सामने होते हैं। इस पैसे का इस्‍तेमाल आप अपने बच्चे की पढ़ाई के अलावा अपनी दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कर सकते हैं।
अगर आप 20 हजार रुपये प्रतिमाह 15 साल तक इंवेस्‍ट करते हैं और 12 प्रतिशत का भी रिटर्न मिलता है तो आखिर में आपके हाथ में 94.29 लाख रुपये होंगे। इतनी बड़ी रकम से आप अपने परिवार की हर जरूरत को पूरा कर सकते हैं। अपने परिवार को एक खुशहाल परिवार के फ्रेम में सेट कर सकते हैं।


म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं, सभी योजना से संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।

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